वाराणसी:
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता को राज्य माता का दर्जा देने की मांग को लेकर सरकार को दिए गए अल्टीमेटम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अब केवल छह दिन का समय बचा है। यदि तय समय में मांग पूरी नहीं हुई तो वह ‘गोप्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा’ निकालकर 11 मार्च को लखनऊ पहुंचकर विरोध दर्ज कराएंगे।
40 दिन का दिया था समय
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि सरकार को गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था। अब यह समय समाप्त होने वाला है। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा के बाद वह लखनऊ के लिए रवाना होंगे और वहां साधु-संतों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के कई धर्माचार्यों और संतों से इस आंदोलन के लिए समर्थन मांगा गया है और उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है।
केशव मौर्य के बयान पर प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा गौ माता को लेकर दिए गए समर्थन वाले बयान पर शंकराचार्य ने कहा कि हर व्यक्ति अपने संस्कारों के अनुसार बोलता है। उन्होंने कहा कि केशव मौर्य के संस्कार अच्छे हैं, इसलिए उन्होंने गौ माता को माता कहा और इस मांग का समर्थन किया।
कानून का पालन करने की बात
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। हालांकि भाजपा के कुछ नेता समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा।
उन्होंने कहा कि वह लखनऊ पहुंचकर साधु-संतों के बीच अंतिम निर्णय लेंगे और यह भी साफ हो जाएगा कि इस आंदोलन में कौन उनके साथ खड़ा है।
शंकराचार्य ने भरोसा जताया कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक है। यदि प्रशासन द्वारा रोका जाता है तो भी वह कानून का सम्मान करेंगे।